चुनाव में मतदान कैसे होता है । how become election in politics

मतदान कैसे होता है
मतदान गुप्त होता है। सार्वजनिक स्थल पर मतदान केंद्र स्थापित किये जाते हैं , जैसे विद्यालय या समुदायिक भवन आदि । अधिक से अधिक मतदाता मताधिकार का प्रयोग करें , यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करने की दूरी 2 km से अधिक नही हो साथ किसी मतदान केंद्र में 500 से अधिक मतदाता नही आये ।
मतदान केंद्र में प्रवेश करते ही मतदाता का नाम मतदाता पहचान में देखकर , उसे एक मतदान पत्र प्रदान किया जाता हैं । मतदाता अपने पसंद के उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह या उसके पास मुहर लगाता है । यह कार्यवाही मतदान केंद्र में ही एक अलग छोटे से कक्ष में होती हैं । मुहर लगाने के बाद मतदाता मतपत्र को मोड़कर एक साक्षी मतपेटी में पीठासीन अधिकारी तथा मतदान एजेंटों के सामने डालता है । चिन्ह लगाने की इस प्रिक्रिया से मतपत्रों को मतपेटी से वापस निकाले जाने की संभावना जाती रहती हैं ।


 चुनाव मतदान के लिए फोटो
Image for become election 



1998 में निर्वाचन आयोग मतपत्रों के स्थान अधिक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग कर रहा है । 2003 में सभी राज्य चुनावों और उप चुनावों में EVM का उपयोग किया गया है। इस प्रयोग की सफलता से उत्साहित होकर निर्वाचन आयोग ने 2004 में लोकसभा चुनाव में केवल EVM का उपयोग किया गया है । 10 लाख EVM इसके उपयोग में लाये गए ।
मतदान दिवस
अलग अलग निर्वाचन क्षेत्र के लिए सामान्यता मतदान की तिथियां अलग अलग होती हैं । ऐसा सुरक्षा प्रबंध को प्रभावी बनाने तथा मतदान की व्यवस्था में लगे लोगो को अनुश्रवण का पूरा अवसर देने और सुनिश्चित करने के लिए किया जाता हैं कि चुनाव स्वत्रंत तथा निष्पक्ष हो।
मतपत्र एव चुनाव चिन्ह
जब उम्मीदवार के नामांकन की प्रिक्रिया पूरी हो जाती हैं , चुनाव अधिकारी द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार की एक सूची बनाइ जाती हैं तथा मतदान पत्र छपवाये जाते हैं । मतपत्र पर उम्मीदवार के नाम तथा चुनाव चिन्ह छपे होते रहते है । मान्यता दल को उनके दल का चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाता हैं ।

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