भारत की मुख्य प्रशानिक सेवा । Main government service of india

Akhil bhartiya seva
अखिल भारतीय सेवाये वे सेवाए है जो राज्य व केंद्र सरकार में समान होती है । इन सेवा के सदस्य राज्य व केंद्र के अधीन शीर्ष होते है । तथा उन्हें बारी बारी से अपनी सेवा देते हैं
वर्तमान मे तीन अखिल भारतिय सेवा है
¡ भारतिय प्रशासनिक सेवा
¡¡ भारतिय पुलिस सेवा
¡¡¡ भारतिय वन सेवा

1947 में भारतीय सिविल सेवा का स्थान IAS ने और भारतिय पुलिस सेवा का स्थान IPS ने ले लिया  और संविधान ने इनको अखिल भारतीय सेवा के रूप मे मान्यता दी ।  सन 1996 में भारतीय सेवा अधिनियम , 1951 केन्द्र को राज्य सरकारों से परामर्श करके अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की भर्ती व सेवा शर्त के लिये नियम बनाने को प्राधिकृत करता है । इन सेवाओं की भर्ती और प्रशिक्षण केंद्र सरकार करती है । परन्तु वे कार्य करने  विभिन्न राज्यों में भेज दिये जाते है। वे विभिन्न राज्य संबंधित होंगे परन्तु केंद्र का इस संबंध में कोई काडर नही होगा । वे केंद्र में प्रतिनिधित्व पर कार्य करेंगे तथा नियत कार्यकाल के पश्चात वापस संबंधित राज्यों में चल रहे हो जायेगे । केंद्र सरकार एक सुस्थापित सेवाकाल प्रणाली के अंतर्गत , प्रत्यधिनियुक्त पर इनकी सेवाएं ले आती है । यह द्यतवय है कि विभिन्न राज्यों में उनके विभाजन के बावजूद से अखिल भारतीय सेवा पूरे देश मे समान अधिकार और दर्ज़ा और एक समान वेतनमान से ही एक सेवा बन जाती है । उनको वेतन एव पेंशन राज्यों द्वारा दी जाती हैं । अखिल भारतिय सेवाए सँयुक्त रूप से केंद्र व राज्य  सरकारों द्वारा नियंत्रित होती हैं । अन्तिम नियंत्रण केंद्र सरकार व तत्कालिक नियंत्रण राज्य सरकार द्वारा होगा। इन अधिकारियों के विरुद्ध कोई भी अनुषांतमक कार्यवाही केवल केंद्र सरकार द्वारा होगा ।
सवैधानिक सभा मे , अखिल भारतीय सेवा के प्रमुख समर्थक सरदार वल्लभ भाई पटेल थे ।  उन्हें अखिल भारतीय सेवाओं का जनक कहा जाता है ।

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